15 अगस्त तक घाटी में ही रह कर सुरक्षा की कमान संभाले रहेंगे मोदी के 'संकटमोचक', जानें वजहBookmark and Share

PUBLISHED : 13-Aug-2019



मोदी सरकार द्वारा आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। धारा 370 से जुड़े जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को राज्यसभा में पेश करने से पहले ही मोदी सरकार ने घाटी में चप्पे-चप्पे पर सेना के जवानों को तैनात कर दिया। जब से मोदी सरकार द्वारा राज्यसभा और लोकसभा में धारा 370 हटाने की कवायद शुरू हुई, तभी से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल घाटी में तैनात हो गए। कश्मीर के अधिकतर इलाकों में कर्फ्यू लगी है। घाटी में कर्फ्यू जैसे हालातों के बीच लगातार एनएसए अजीत डोभाल की सुरक्षाबलों और आम नागरिकों से मिलने-बातचीत करने की तस्वीरें मीडिया में सामने आ रही हैं। पीएम मोदी के संकटमोचक माने जाने वाले अजीत डोभाल घाटी में सुरक्षा के हालातों का लगातार जायजा ले रहे हैं और पल-पल का अपडेट वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह तक पहुंचा रहे हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पिछले सप्ताह से ही राज्य में सुरक्षा के हालातों का जायजा लेने के लिए कैंपनिंग कर रहे हैं। साथ ही ऐसी योजना है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर किसी तरह की अनहोनी की आशंका को ध्यान में रखते हुए 15 अगस्त तक घाटी में ही रहेंगे। बीते सप्ताह भर से घाटी में सुरक्षा का कमान संभाल रहे अजीत डोभाल 15 अगस्त तक घाटी में ही रहेंगे और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करते रहेंगे।

ऐसी खबर है कि 15 अगस्त को पाकिस्तान घाटी में अशांति फैलाने के लिए कुछ नापाक साजिश कर रहा है। यही वजह है कि अजीत डोभाल 15 अगस्त तक घाटी में डेरा डाले रहेंगे ताकि पाकिस्तान की किसी तरह की नापाक योजनाओं को ध्वस्त किया जा सके। माना जा रहा है कि मोदी सरकार ने घाटी में ईद और 15 अगस्त जैसे दो अहम मौकों को ध्यान में रखकर ही अजीत डोभाल को घाटी में तैनात किया है। इसके अलावा, अजीत डोभाल के कई ऐसे वीडियो आए हैं, जिसमें उन्हें न सिर्फ सुरक्षा बलों के साथ बातचीत करते देखा गया है, बल्कि वह आम नागरिकों को भी आश्वस्त करते दिखे हैं।

अजीत डोभाल पीएम मोदी के काफी खास माने जाते हैं। अजीत डोभाल सुरक्षा मामलो में पीएम मोदी के सबसे भरोसेमंद हैं। अजीत डोभाल घाटी की हर स्थिति से पीएम मोदी को रूबरू करा रहे हैं ताकि उसके हिसाब से सरकार घाटी में सामान्य स्थिति लाने के लिए कुछ कदम उठाती रहे। घाटी में 15 अगस्त तक अजीत डोभाल की मौजूदगी की एक वजह यह भी सामने आ रही है क्योंकि ऐसी रिपोर्ट है कि अमित शाह लाल चौक पर तिरंगा फहरा सकते हैं।

सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि अगर जमीनी स्तर पर स्थिति सामान्य रहती है तो गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर जा सकते हैं और लाल चौक पर तिरंगा भी फहरा सकते हैं। हालांकि, अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके अलावा अजीत डोभाल की 15 अगस्त तक मौजूदगी के यह भी मायने हैं कि सरकार चाहती है कि कश्मीर में सिर्फ राज्य और जिला हेडक्वार्टर में ही स्वतंत्रता दिवस न मने, बल्कि हर पंचायत में इसे सेलिब्रेट किया जाए।

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