वन रक्षकों की भर्ती में अनुसूचित जाति के लोगों को भी दी हाईट में छूटBookmark and Share

PUBLISHED : 30-Jun-2019



कमलनाथ राज मे19 वर्ष पुराने नियम किए संशोधित


भोपाल। प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने वन रक्षक की भर्ती में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को भी हाईट में छूट प्रदान कर दी है। पहले यह छूट सिर्फ आदिवासी जाति के अभ्यर्थियों को ही मिली हुई थी। इस संबंध में राज्य के वन विभाग के अंतर्गत 19 साल पहले बने मप्र तृतीय श्रेणी अलिपिक वर्गीय वन सेवा भर्ती नियम 2000 में संशोधन कर उसे प्रभावशील कर दिया गया है।
नये प्रावधान के अनुसार, अब अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को भी वनरक्षक के पदों में भर्ती हेतु पुरुष वर्ग के लिये हाईट न्यूनतम 152 सेंटीमीटर तथा महिला वर्ग हेतु न्यूनतम 145 सेंटीमीटर कर दी गई है। पहले यह हाईट सिर्फ अनुसूचित जनजाति के पुरुष एवं महिला वर्ग हेतु ही निर्धारित थी। यहां यह उल्लेखनीय है कि सामान्य एवं ओबीसी वर्ग हेतु न्यूनतम ऊंचाई पुरुष वर्ग हेतु 163 एवं महिला वर्ग हेतु 150 सेंटीमीटर पहले से ही है। चूंकि मप्र राज्य में अनुसूचित जाति भी अनुसूचित जनजाति के क्षेत्र में निवास करती है और यहां प्राकृतिक कारणों से इस दोनों वर्गों की हाईट कम होती है, इसलिये इन वर्गों को भर्ती में मौका देने के लिये यह प्रावधान किया गया है। देश के अन्य कई राज्यों में भी वहां के निवासियों हेतु ऐसी छूट दी गई है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि वनरक्षकों की भर्ती में अब अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को भी आदिवासी अभ्यर्थियों के समान हाईट में छूट मिलेगी। चुनाव आचार संहिता के कारण वनरक्षकों की भर्ती रुकी थी तथा अब इसी माह से करीब एक हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने जा रहे हैं।

 

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