हमारे प्रयासों के चलते आज पाक को जवाब देने में हो रही मुश्किल, चीन से आंख में आंख डालकर कर रहे बात : PM मोदीBookmark and Share

PUBLISHED : 28-Jun-2016



नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ संबंधों पर सोमवार को कहा कि भारत को हर समय सतर्क और सावधान रहना होगा, लेकिन साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान में किसके साथ बातचीत करने के लिए लक्ष्मण रेखा खींची जा सकती है- निर्वाचित सरकार के साथ या ‘अन्य तत्वों के साथ’। पीएम ने कहा कि हमारे प्रयासों के चलते आज पाकिस्तान को दुनिया को जवाब देने में मुश्किल हो रही है। पीएम ने कहा कि इस दौर में अमेरिका-भारत के संबंधों के काफी गर्माहट आई है।

समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' के साथ बातचीत में पीएम ने कहा, ‘पहली बात तो है कि पाकिस्तान में आप किसके साथ लक्ष्मण रेखा खींचेंगे-निर्वाचित सरकार के साथ या अन्य तत्वों के साथ। इसलिए भारत को हर समय सतर्क और चौकन्ना रहना होगा। कोई ढिलाई या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।’ मोदी से सवाल किया गया था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ क्या है क्योंकि 2014 में कहा गया था कि केवल दोनों देशों के बीच वार्ता होगी और हुर्रियत के साथ नहीं होगी। दूसरी बार 26-11 में हुआ और अब पठानकोट में।

पीएम ने कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ दोस्ती चाहता है। भारत को भी गरीबी से लड़ना है। पाकिस्तान को भी गरीबी से लड़ना है। क्यों न दोनों देश गरीबी से मिलकर लड़ें। टेबल पर जो काम करने हैं टेबल पर करें और सीमा पर जो काम करना है उसे सीमा पर मुस्तैदी से करें। आतंकवादी निराशा में आकर घटनाएं कर रहे हैं। हमें अपने जवानों पर गर्व है।

पीएम ने कहा, 'पाकिस्तान में कई प्रकार की ताकतें काम कर रही हैं। सरकार एक चुनी हुई व्यवस्था से बात करती है। हमारा सुप्रीम उद्देश्य शांति और भारतीय हितों की रक्षा है। हम प्रयास करते हैं, हमें सफलता भी मिलती है। हमारे शपथ ग्रहण समारोह में ही साफ हो गया था कि भारत पाकिस्तान के साथ दोस्ती चाहता है। जवानों को छूट है कि वह अपनी भाषा में जवाब देते रहें।'

मोदी ने कहा, ‘दुनिया एक स्वर में भारत की भूमिका की प्रशंसा कर रही है। पाकिस्तान को जवाब देने में मुश्किल हो रही है। दुनिया देख रही है। अगर हम अवरोध बने रहते तो हमें दुनिया को स्वीकार कराना होता कि हम इस तरह के नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पहले दुनिया आतंकवाद पर भारत के विचारों को नहीं स्वीकारती थी और कई बार तो इसे कानून व्यवस्था की समस्या बताती थी। अब पूरी दुनिया उस बात को स्वीकार कर रही है जो भारत आतंकवाद पर कहता है। वह आतंकवाद से भारत को हुए नुकसान को, आतंकवाद से मानवता को हुए नुकसान को स्वीकार कर रही है। मेरा मानना है कि भारत को इस मामले में अपने विचार रखते रहने होंगे। भारत की हर चीज को पाक के संदर्भ में जोड़कर देखना बंद करें। हम स्वतंत्र देश हैं हमारी अलग नीतियां हैं।'

सत्ता में आने के बाद देश में हुए बदलाव पर पीएम ने कहा, 'जब हम सत्ता में आए तो देश में निराशा का माहौल था। व्यवस्था में आशा पैदा करना, लोगों में उम्मीद पैदा करना एक चुनौती भरा काम था। इस काम को हमने किया है। अब हर क्षेत्र में स्थितियां बदली हुई हैं। एक समय था जब बात उठती थी कि अगले सात दिनों के बाद बिजली पैदा करने के लिए देश में कोयला उपलब्ध है कि नहीं।'
zee news

लाइफ स्टाइल

Survey : घरों के परदों और सोफे से भी होती है सांस ...

PUBLISHED : Aug 17 , 3:09 PM

आमतौर पर माना जाता है कि सांस की बीमारी सिगरेट, बीड़ी पीने से होती है। पर, पिछले डेढ़ साल में हुए शोध के मुताबिक बिना धूम्...

View all

बॉलीवुड

Prev Next