अंतरिक्ष में महिला यात्रियों ने रचा इतिहास: पहली बार बिना पुरुष साथी के किया स्पेसवॉकBookmark and Share

PUBLISHED : 19-Oct-2019

अंतरिक्ष में महिला यात्रियों ने रचा इतिहास: पहली बार बिना पुरुष साथी के किया स्पेसवॉक

नासा की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर ने शुक्रवार को एक साथ स्पेसवाक कर इतिहास रच दिया। आधी सदी में करीब 450 स्पेसवॉक में ऐसा पहली बार हुआ जब केवल महिलाएं ही अंतरिक्ष में चहल-कदमी कर रही थीं। इस दौरान उनके साथ कोई पुरुष अंतरिक्ष यात्री नहीं था। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के ऊर्जा नियंत्रक को बदलने के लिए दोनों महिला अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर इससे बाहर निकलीं। दोनों यात्रियों ने मिशन की शुरुआत अपने अंतरिक्ष सूट और सुरक्षा रस्सी की जांच से की। दोनों यात्री अंतरिक्ष केंद्र की खराब हो चुकी बैटरी चार्ज और डिचार्ज यूनिट को बदलने को स्पेसवाक कर रही हैं।

अब तक 15 महिलाएं कर चुकी हैं स्पेसवॉक
अब तक अंतरिक्ष में चहलकदमी कर चुकी 15 महिलाओं के साथ एक पुरुष अंतरिक्ष यात्री भी रहा था। स्पेसवॉक पर जाने से पहले क्रिस्टीना ने कहा कि अतीत में भी महिलाएं हमेशा टेबल पर नहीं रही हैं। मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में ऐसे समय में योगदान करना अद्भुत है, जब महिलाओं की ओर से किया जाने वाला हर योगदान स्वीकार किया जा रहा है।

मिशन से पहले नासा के प्रशासक जिम ब्रिडेस्टीन ने कहा, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अंतरिक्ष सभी लोगों के लिए उपलब्ध है, उस विकास क्रम में यह एक और मील का पत्थर है।

कोच का चौथा और मीर का पहला स्पेसवॉक
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर कोच ने मीर का नेतृत्व किया। मीर समुद्री जीव विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि रखती हैं और यह उनका पहला स्पेसवाक है। स्पेसवॉक के लिए कोच का यह चौथा, जबकि मीर का पहला स्पेसवॉक था। बता दें कि अमेरिका ने 1983 में अपनी पहली महिला अंतरिक्ष यात्री को भेजा था।

पहले निर्धारित की गई स्पेसवॉक करनी पड़ी थी स्थगित
स्पेस स्टेशन प्रबंधकों ने इससे पहले अपनी तय की गई स्पेसवॉक योजना को स्थगित कर दिया था। दरअसल, खराब बैटरी चार्ज-डिस्चार्ज यूनिट की जगह नई बैटरी लगाने के लिए तय समयसीमा में काम खत्म नहीं किया जा सका था। नई लिथियम-आयन बैटरी 11 अक्तूबर को अंतरिक्ष केंद्र में स्थापित की जानी थी, लेकिन इसमें असफलता मिली। नासा ने कहा कि इस विफलता से स्टेशन संचालन, चालक दल की सुरक्षा या प्रयोगशाला में चल रहे प्रयोग प्रभावित नहीं हुए हैं। इनमें चंद्रमा और मंगल मिशन की तैयारी शामिल है। इससे पहले कोच और नासा की यह स्पेसवॉक मार्च के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन किसी तकनीकी खामी की वजह से मिशन को रद्द कर दिया था।

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