बाल विवाह करने वाले भी कर सकेंगें सरकारी नौकरीBookmark and Share

PUBLISHED : 24-Apr-2013

 भोपाल। शिवराज सरकार ने बुधवार को 13 साल पहले लिए गए तत्कालीन दिग्विजय सरकार के फैसले को पलटते हुए बाल विवाह को सरकारी नौकरी में के लिए अयोग्यता के प्रावधान को समाप्त कर दिया। राज्य मंत्रिपरिषद ने मप्र सिविल सेवा नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके अलावा प्रदेश के 16 नए और 15 पुराने कॉलेजों के लिए 474 नए पदों की मंजूरी भी दी गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में मप्र सिविल सेवा नियम के नियम 6 (5) को समाप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यह प्रावधान वर्ष 2000 में किया गया था। भाजपा सरकार आने के बाद 3 मार्च 2005 को कैबिनेट ने निर्णय लिया था कि 11 मई 2000 के बाद ऐसे पुरूषों जिनका विवाह 21 वर्ष की उम्र से पहले हुआ और ऐसी महिलाओं जिनका विवाह 18 वर्ष से कम आयु में हुआ हो शासकीय सेवा के लिए अयोग्य माना जाएगा।
 
ये भी हुए फैसले
: सागर की सूरजपुरा, विदिशा की रेहटी, सगड़, बाह के अलावा बाणसागर, महान, अपर तिलवारा आदि करीब एक दर्जन सिंचाई परियोजनाओं के पुनरीक्षित बजट की स्वीकृति।
:विवि और महाविद्यालयों के शिक्षकों को छठवें वेतनमान में 2006 से 2010 के बीच का एरियर की अंतरिम राहत छह माह में तीन किस्तों में देने का निर्णय।
:लोक निर्माण विभाग में पीआईयू के लिए मुख्य अभियंता के पद।
:लोक सेवा गारंटी के लिए अभिकरण गठित होगा। इस गारंटी में 104 सेवाएं शामिल हैं।
:जबलपुर में तीरंदाजी अकादमी, भोपाल मंडला, झाबुआ में सहायक अकादमी।
: सौंधिया जाति को ओबीसी में शामिल करने का प्रस्ताव।
 

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