सपना टूटाः पहलवान नरसिंह यादव पर 4 साल का प्रतिबंध, RIO से बाहरBookmark and Share

PUBLISHED : 19-Aug-2016



ओलंपिक में भारत को बड़ा झटका लगा है। पहलवान नरसिंह यादव पर डोपिंग के तहत दोषी पाते हुए 4 साल का प्रतिबंध लग गया है। इसके साथ ही वह रियो ओलंपिक से बाहर हो गए और उनका सपना चकनाचूर हो गया। खेल मध्यस्थता अदालत (कैश) ने भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर ये प्रतिबंध लगाया।

नाडा के फैसले को वाडा ने दी थी चुनौती
नरसिंह को डोपिंग मामले में इस माह के शुरू में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के क्लीन चिट देने के फैसले को विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने कैश में चुनौती दी थी। कई घंटे की सुनवाई के बाद कैश ने नरसिंह पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया।

पहले आई थी गलत सूचना
भारतीय मीडिया में पहले यह गलत खबर आई कि नरसिंह को क्लीन चिट मिल गई है। दरअसल अति उत्साह में इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया कि वाडा इस मामले को कैश में ले जाने के बाद अपने हाथ हटा चुका था। वाडा ने कैश में अपील करते हुये नाडा के फैसले पर सवाल उठाया था और चार साल का प्रतिबंध लगाने अपील की थी।

25 जून के बाद के सभी पदक भी वापस लेने के आदेश
कैश ने लंबी सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा कि नरसिंह के 25 जून 2016 के बाद से सभी प्रतियोगी परिणाम अयोग्य घोषित कर दिये जायें और इस दौरान के उनके पदक ,अंक और पुरस्कार जब्त कर लिये जायें। उनको गत 23 जुलाई को प्रतिबंधित पदार्थ मैथन ड्योनेन का सेवन करने के लिये पॉजिटिव पाया गया था और उन्हें अस्थाई तौर पर निलंबित कर दिया गया था। नरसिंह ने तब उनके खिलाफ साजिश रचे जाने और उनके खाने पीने में कुछ मिलाये जाने का आरोप लगाया था। नाडा के अनुशासन पैनल ने 02 अगस्त को नरसिंह की साजिश की थ्योरी को स्वीकार कर लिया था और उन्हें सभी आरोपों से क्लीन चिट दे दी थी।

नहीं मानी गई कोई दलील
कैश पैनल के अनुसार 'इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि नरसिंह की कोई गलती नहीं थी और उसने डोपिंग रोधी नियमों का जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया था इसलिये अब नरसिंह पर चार साल का प्रतिबंध लगाया जाता है।'

लाइफ स्टाइल

Survey : घरों के परदों और सोफे से भी होती है सांस ...

PUBLISHED : Aug 17 , 3:09 PM

आमतौर पर माना जाता है कि सांस की बीमारी सिगरेट, बीड़ी पीने से होती है। पर, पिछले डेढ़ साल में हुए शोध के मुताबिक बिना धूम्...

View all

बॉलीवुड

Prev Next