ठंड के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए इन पांच बातों को याद रखें, बीमारियों से रहेंगे दूर और शरीर बनेगा मजबूतBookmark and Share

PUBLISHED : 18-Dec-2020



सर्दियों का मौसम सेहत बनाने के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि तापमान में गिरावट आने से भोजन में संचित उष्मा हमारे शरीर को गर्म रखती है। इसका अर्थ यह है कि ठंड के मौसम में खाना आसानी से पच जाता है। खाने के अलावा अगर कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए, तो हम ठंड के मौसम में न सिर्फ सेहतमंद रह सकते हैं बल्कि इस मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
संतुलित भोजन करें
कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, पर सेहत के लिए यही काफी नहीं होते। शरीर को वसा, प्रोटीन, फाइबर और तरल पदार्थों की भी उतनी ही जरूरत होती है। आमतौर पर सर्दियों में तला-भुना, डिब्बाबंद व जंक फूडखाने की इच्छा बढ़ती है, इस कारण कार्बोहाइड्रेट का सेवन बढ़ जाता है। दूसरा, शारीरिक सक्रियता घटने से अतिरिक्त कैलोरी की खपत नहीं हो पाती। इससे शरीर में तेजी से वसा जमने लगती है। इस मौसम में मौसमी फल व सब्जियों पर जोर दें। भोजन के साथ हरी सब्जियां, सलाद व सूप लें। इससे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व व फाइबर मिलेगा। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
धूप सेंकना न भूलें
क्या पर्याप्त आराम के बावजूद आपको थकान होती है? या हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द रहता है? अगर आपका जवाब हां है, तो संभव है कि आपको विटामिन डी की खुराक की जरुरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, 100 में से 70 लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। सर्दियों का मौसम इस कमी को पूरा करने का अच्छा अवसर है। दोपहर के आसपास त्वचा पर धूप लगना विटामिनडी के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है। ।दोपहर में सोना एक ओर जहां विटामिन डी से दूर करता है, वहीं रात में नींद का पैटर्न भी डिस्टर्ब हो जाता है। दोपहर में कुछ देर धूप में जरूर बैठना चाहिए।
व्यायाम करें
सर्दियों में हर रोज व्यायाम करने की आदत को न छोड़ें। नियमित व्यायाम करना शरीर में खुशी का एहसास कराने वाले हार्मोन का स्राव करता है। अवसाद में कमी लाता है। यूं भी सर्दियों में शारीरिक सक्रियता घटने से शरीर का वजन बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। व्यायाम करना शरीर के लचीलेपल को भी बनाए रखता है।
घर के भीतर न सुखाएं कपड़े
विशेषज्ञों के अनुसार, घर के भीतर गीले कपड़े सुखाने से घर में एसलडीहाइडेट और बेंजीन कण हवा में फैलते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। अस्थमा से परेशान लोगों की समस्या भी इससे बढ़ती है। यदि अस्थमा की परेशानी नहीं है, तो भी गीले कपड़ों को भीतर सुखाना सिरदर्द, गले में खराश और आंखों में जलन पैदा कर सकता है। अगर घर के भीतर गीले कपड़े सुखाते हैं, तो खिड़कियां खुली रखें।
अधिक क्रीम न लगाएं
सर्दियों की ठंडी हवा, त्वचा को शुष्क बना देती है। त्वचा को नमी की ज्यादा जरूरत होती है, पर इसका मतलब यह नहीं कि आप अनावश्यक क्रीम व लोशन लगाएं। अधिक क्रीम लगाने से त्वचा पर धूल-मिट्टी के देर तक जमे रहने की आशंका बढ़ती है। मृत त्वचा चेहरे पर ही रहती है, जिससे मुहांसे व त्वचा की एलर्जीकी आशंका बढ़ जाती है।
साभार

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