बड़े स्कूल में पढ़ाने का सपना हुआ साकारBookmark and Share

PUBLISHED : 26-Apr-2013

 भोपाल। मां दूसरों के घरों में बर्तन साफ करती है तो पिता ठेला लगाते हैं, लेकिन उनका सपना था कि बेटी अच्छे स्कूल में पढ़े। यह सपना गुरुवार को साकार हो गया। नीलबड़ स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत लॉटरी निकाली गई। लॉटरी में छह छात्र-छात्राओं को एडमिशन मिला।

 
नोडल अधिकारी सीमा इकबाल व प्राचार्य मनदीप रॉय की मौजूदगी में निकाली गई लॉटरी में रूबी और सगीर की बेटी सुहाना अली को एडमिशन मिला। रूबी दूसरों के घरों में बर्तन साफ करती है और सगीर ठेला लगाते हैं। एडमिशन ऑफिसर बेटी जैकब ने बताया कि लॉटरी में बेटी का नाम आने से बच्ची के माता-पिता का सपना साकार हो गया। इधर, भेल क्षेत्र के सिद्धि विनायक स्कूल में छह और रेणु विद्या निकेतन में भी लॉटरी से 11 बच्चों को एडमिशन दिए गए।
 
लॉटरी निकालने के दूसरे चरण की प्रक्रिया के लिए करीब 500 स्कूलों में खाली 41०० सीटों के लिए साढ़े चार हजार आवेदन आए थे। इनमें से कई अभिभावकों ने दो-दो बार आवेदन किए थे। इस कारण करीब एक हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए। बचे हुए आवेदनों में से 1403 बच्चों को एडमिशन दिया गया।
 
इस तरह था पिछला आंकड़ा : जिले के कुल 1294 स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 9 हजार से ज्यादा सीटें रिजर्व की गई थीं। इनमें से करीब 5,020 बच्चों को पहले चरण में एडमिशन दिया गया। शेष प्राइवेट स्कूलों में से 46 ने खुद को भाषाई अल्पसंख्यक संस्थान घोषित करते हुए करीब 1600 सीटों पर एडमिशन नहीं दिया। इसके लिए संबंधित स्कूलों ने हाईकोर्ट का सहारा लेकर सरकार के खिलाफ निर्णय करवाया था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण, वे ऐसा नहीं कर पा रहे थे।
 
 
 
 
 
 

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