मानवीय गरिमा का सम्मान भारत की मिट्टी मेंBookmark and Share

PUBLISHED : 13-Dec-2015



मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मानवीय गरिमा का सम्मान भारत की मिट्टी में है। मानवीय गरिमा के साथ लोगों को उनका हक मिलना चाहिए। यह लोकतंत्र के लिये जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के उपलक्ष्य में कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री सुरेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय परंपरा में विश्व कल्याण की बात कही गई है। भारतीय संस्कृति में पूरे विश्व को एक परिवार माना है। अधिकारों के साथ व्यक्ति में संवेदना भी होना चाहिए। पीड़ित के स्थान पर स्वयं को रख कर सोचें। मानव अधिकारों के लिये सुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जनसुनवाई, समाधान ऑनलाइन जैसी पहल कर सुशासन के माध्यम से मानव अधिकारो को देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में तंत्र जनता की सेवा के लिये है। आम जनता को मानवीय गरिमा के साथ उनके अधिकार मिलना चाहिए।

'मानव अधिकार एवं सुशासन'' विषय पर कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. वी.एम. कंवर ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों को बुलाया गया है। श्री कंवर ने कहा कि व्यक्ति के समग्र विकास के लिये सुशासन जरूरी है। अधिकारी-कर्मचारी अपने मूलभूत कर्त्तव्यों का निर्वहन अच्छे से करें तो मानव अधिकार सुनिश्चित होंगे। कार्यशाला में स्वागत भाषण मानव अधिकार आयोग के सचिव श्री विनोद कुमार ने दिया। मानव अधिकार आयोग में पदस्थ अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती सुषमा सिंह ने आभार माना।

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