मप्र में अब ट्रायफेक हुआ खत्म,निगम में हुआ विलयBookmark and Share

PUBLISHED : 03-Sep-2019



2015 के प्रावधान बदले कमलनाथ सरकार ने


भोपाल। कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण देने की दिशा में काम तेजी से शुरू किया है । इस कड़ी में अब मध्य प्रदेश में ट्रायफेक को बंद किया गया है ,उसके स्थान पर  राज्य औद्योगिक विकास निगम  ही  अस्तित्व में रहेगा ।राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में बनाये मप्र भूमि एवं भवन प्रबंधन नियमों की लीजडीड के प्रारुप में संशोधन कर उसमें माइक्रो स्माल इण्डस्ट्रीज का प्रावधान खत्म कर दिया है। अब इन नियमों के तहत सिर्फ लार्ज एण्ड मीडियम इण्डस्ट्रीज ही लीजडीड हेतु शामिल होंगी।
उल्लेखनीय है कि उक्त नियम उद्योग विभाग की भूमि, औद्योगिक क्षेत्रों एवं भवनों तथा विभाग के अधीन कार्यरत औद्योगिक केन्द्र विकास निगम द्वारा विकसित/विकसित किये जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष आर्थिक प्रक्षेत्रों की भूमि के प्रबंधन हेतु बनाये गये थे। इन नियमों में अब संशोधन कर दिया गया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों में महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के स्थान पर मप्र औद्योगिक विकास निगम के क्षेत्रीय कार्यालयों के एक्जीक्युटिव डायरेक्टर लीजडीड का संपादन करेंगे। अब उक्त नियमों में लाजिस्टिक एण्ड वेयरहाउसिंग हब/पार्क भी शामिल कर लिये गये हैं। उक्त नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि बगल की इण्डस्ट्रीज को उपयुक्त ढंग से काम न करने में बाधा पहुंची है तो संबंधित उद्योग की लीजडीड निरस्त की जा सकेगी।

ट्राईफेक खत्म, अब सिर्फ निगम :

राज्य सरकार ने उद्योगों को सहूलियतें देने के लिये बनाये एमपी ट्राईफेक को खत्म कर दिया है। अब सिर्फ राज्य औद्योगिक विकास निगम ही यह सहूलियतें देगा। इधर इंदौर एवं उज्जैन में स्थित औद्योगिक विकास केंद्र खत्म कर उनका विलय भी राज्य औद्योगिक विकास निगम भोपाल में कर दिया गया है तथा उज्जैन के एकेवीएन को इंदौर एकेवीएन में समाहित कर राज्य औद्योगिक विकास निगम का क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर बना दिया गया है।

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