ये हैं देश के 10 सबसे प्रदूषित शहर, जानें किस नंबर पर है आपका शहरBookmark and Share

PUBLISHED : 20-Nov-2019



Air Pollution:  बढ़ता प्रदूषण आज हर किसी के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स से जुड़े आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दिल्ली में सांस लेने लायक साफ हवा लोगों के लिए एक सपना ही है। ऐसे में आइए सबसे पहले जानते हैं भारत के उन 10 शहरों के बारे में जिनकी गिनती सबसे प्रदूषित शहरों में की जाती है।

शहर - वायु गुणवत्ता सूचकांक
1 गाजियाबाद - 330
2 अमृतसर - 307
3 मुरादाबाद - 300
4 यमुनानगर - 297
5 मेरठ - 294
6 बागपत - 291
7 कानपुर - 288
8 पानीपत - 289
9 गुवाहाटी - 282
10 पटना - 281
 स्रोत : सीपीसीबी

वायु-जल प्रदूषण से निपटने के लिए चीन, जर्मनी जैसे कई देशों का नाम लिया जाता है, लेकिन देश के ही कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं। केरल का तटीय शहर अलपुझा, चावल उत्पादक ओडिशा  ने पराली न जलाने और मुंबई ने गाड़ियों के हानिकारक प्रदूषक तत्वों पर नियंत्रण पर नए मानक लागू किए हैं। आइए इस बारे में जानें ... 

अलपुझा : विश्वस्तरीय कूड़ा प्रबंधन
केरल के अलपुझा शहर ने कूड़ा प्रबंधन में मिसाल बना है। इस शहर को संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया के पांच चुनिंदा ऐसे शहरों में शामिल किया, जहां कूड़ा प्रबंधन विश्वस्तरीय है। इस शहर की जनसंख्या 1.74 करोड़ है और हर दिन यहां 58 टन ठोस कचरा पैदा होता है। इस कूड़े के प्रबंधन के लिए यहां 2012 में ‘निर्मल भवनम, निर्मल नगरम’ योजना शुरू हुई, जिसकी चर्चा दुनियाभर में हुई। इसके तहत कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को विकेद्रीकृत किया गया। यहां शहर के सभी 23 वॉर्डों के स्तर पर शत प्रतिशत कूड़ा निपटान होता है। यहां के 80 प्रतिशत घरों में बायोमास प्लांट और कंपोस्टिंग सिस्टम है।

ओडिशा : नहीं जलाई जाती पराली
दिल्ली में पराली का धुंआ स्मॉग का बड़ा कारण है। पराली से निपटने में ओडिशा बेहतरीन काम कर रहा है। देश के बड़े चावल उत्पादक राज्यों में से एक ओड़िशा में किसान पराली नहीं जलाते। इस पराली का इस्तेमाल किसान कंपोस्ट, बायोमास ऊर्जा और मशरूम पैदा करने में करते हैं। साथ ही सरकार यहां इस साल साठ लाख मीट्रिक टन पराली खरीदेगी। यहां देश की पहली एथेनॉल बायो रिफाइनरी है, जहां धान के भूस या पराली के एथेनॉल पैदा किया जाता है। इस रिफाइनरी के कारण स्थानीय किसानों की उगाई दो लाख टन पराली का उपयोग हो जाता है। 

मुंबई : खड़ी गाड़ी स्टार्ट रखी तो जुर्माना
मुंबई। देश की औद्योगिक राजधानी मुंबई देश का एकमात्र ऐसा शहर है,जहां खड़ी गाड़ी में इंजन चालू रखने पर सौ रुपये का जुर्माना लगता है, जिसे और बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है। शहर में रोजाना 30 लाख से ज्यादा वाहन चलते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 10 सेकेंड से ज्यादा देर खड़ी गाड़ी स्टार्ट रखने से निकला कार्बन उसे दोबारा स्टार्ट करने में हुए प्रदूषण से ज्यादा होता है। खड़ी कार से अमूमन दस मिनट में 510 से 1480 ग्राम कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन होता है। एसी चालू हो तो यह और बढ़ जाता है। शहर में अवैध पार्किंग पर मोटरसाइकिल पर पांच से 8300 रुपये और कारों पर 15 से 23,250 रुपये तक का जुर्माना है
साभार

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