'गगनयान' को लेकर क्‍या कहते हैं भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा?Bookmark and Share

PUBLISHED : 29-Oct-2019


बेंगलुरु : भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री एवं वायुसेना के सेवानिवृत्त पायलट विंग कमांडर राकेश शर्मा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इसरो 2022 तक 'गगनयान' मिशन को अंजाम देने में सफल होगा। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, 'हम कुछ भी करने में सक्षम हैं। बस हमें कभी अवसर नहीं मिला या वास्तव में हम जो हासिल करने में सक्षम है उसके लिए सहायता नहीं मिली।'

शर्मा पूर्ववर्ती सोवियत संघ के 'सोयूज टी-11' मिशन में अंतरिक्ष में गए थे, जिसका प्रक्षेपण दो अप्रैल 1984 को हुआ था। 'गगनयान' भारत का मानव मिशन है। मिशन से संबंधित चुनौतियों के बारे में शर्मा ने गुरुवार को कहा कि जब मानव को भेजने की बात आती है तो बहुत सी चुनौतियां होती हैं, क्योंकि जिस व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजा जाता है, उसे वापस भी लाया जाता है।
 उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चुनौतियों को ध्यान में रखकर ही काम कर रहा है। शर्मा 'गगनयान' से संबंधित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का हिस्सा हैं। दिसंबर 2021 में इस मिशन के प्रक्षेपण की संभावना है।

साभार

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