जिसने की सबसे ज्यादा दरिंदगी..उसे ही नाबालिग करार दे दिया गया Bookmark and Share

PUBLISHED : 30-Jan-2013

नई दिल्ली। नई दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप के छठे आरोपी को नाबालिग घोषित कर दिया गया है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने छठे आरोपी को स्कूल सर्टीफिकेट के आधार पर नाबालिग ही माना है। इसके अलावा साकेत कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की बोन मैरो टेस्ट जांच की अर्जी भी ठुकरा दी है। सरकारी वकील ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। गैंगरेप केस के इस छठे आरोपी को नाबालिग घोषित करने के साथ ही अब साफ हो गया है कि उसका केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ही चलेगा। सर्टीफिकेट में इस आरोपी की जन्मतिथि 4 जून 1995 है। वारदात के दिन आरोपी की उम्र 17 साल 6 महीने थी। इसी आरोपी ने गैंगरेप के दौरान सबसे बर्बर और जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। इसी ने बाकी आरोपियों को गैंगरेप के लिए उकसाया। इसके अलावा पीड़ित लड़की को भयंकर यौन यातना देते हुए उसके शरीर के अंदर सरिया डाल दी थी, जिसकी वजह से उसकी आंत भी निकालनी पड़ी थी।

16 दिसंबर की वो रात, टाइम 9. 45 मिनट

ये ही वो मनहूस तारीख थी और ये वो मनहूस पल था जब दामिनी अपने ब्‍वॉयफ्रेंड के साथ दिल्‍ली के मुनीरका से पालम के लिए उस चाटर्ड बस में बैठी थी। दामिनी और उसके दोस्‍त को आवाज लगाकर इसी नाबालिग ने बुलाया और बार-बार कहा आ जाओ हम आपको छोड़ देंगे। इसी हैवान के कहने पर वो दोनों बस में बैठ गए।

इसी हैवान ने की थी छेड़छाड़ की शुरुआत 

दामिनी और उसका ब्‍वॉयफ्रेंड जब बस में सवार हो गए तो इसी नाबालिग ने सबसे पहले लड़की के साथ छेड़छाड़ की शुरुआत की। अन्‍य पांचों आरोपियों को भी इसी ने उकसाया। साथियों से हिम्‍मत मिलने के बाद उसका का हौसला बढ़ गया और फिर वो बिना किसी डर के छेड़छाड़ करने लगा। जब लड़की के दोस्‍त ने विरोध किया तो मुख्‍य आरोपी राम सिंह और इसी हैवान ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

नाबालिग ने बर्बरता की सारी हदें लांघ दीं

एक बार झगड़ा शुरू हो गया तो फिर बात बढ़ती ही गई और इसी हैवान ने दामिनी के साथ दो बार बलात्‍कार किया। इतना ही नहीं उसे मारने पीटने में भी वो भी सबसे आगे था। लड़की को दोस्‍त को भी इसी ने मारा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 23 साल की बहादुर लड़की को चलती बस में सामूहिक बलात्कार और फिर लोहे की जंग लगी रॉड से यौन शोषण और टॉर्चर करने में ये नाबालिग ही सबसे आगे था। इसी ने बर्बरता की सारी हदें लांघीं। सूत्रों का साफ कहना है कि ये वो इंसान है जो भले ही नाबालिग भले ही है, लेकिन उसने काम राक्षसों का किया। लड़की को टॉर्चर करने का सबसे जघन्य अपराध उसके सिर है।

दामिनी को मौत के मुंह तक पहुंचाया

सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि इस बहादुर लड़की की मौत का सबसे बड़ा जिम्मेदार ये नाबालिग लड़का ही है। सूत्रों के मुताबिक जांच में पुलिस को पता चला है कि खुद को नाबालिग बताने वाले इस लड़के ने गैंगरेप के दौरान बहादुर लड़की पर बेतरह जुल्म ढाए। सूत्रों का कहना है कि इस लड़के ने ही दो बार बड़ी बेरहमी से लड़की से बलात्कार किया। उसकी वहशियाना हरकतों की वजह से ही छात्रा की आंतें तक बाहर आ गईं थीं। ये बहादुर लड़की जूझ रही थी, बचने के लिए आरोपियों को दांत से काट रही थी, लात मार रही थी, लेकिन शायद उसने भी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि लोहे की जंग लगी रॉड के इस्तेमाल से उसके साथ भयानक टॉर्चर होगा। लड़की की आंतों को भारी नुकसान पहुंचने की वजह से ही उसकी हालत इस कदर बिगड़ी कि उसके कई ऑपरेशन करने पड़े। डॉक्टरों को उसकी आंतें ही काटकर बाहर निकालनी पड़ीं।

नाबालिग को पकड़ने में छूट गए थे पुलिस के पसीने

दिल्‍ली गैंगरेप की खबर आते ही दिल्‍ली पुलिस ने बेहद तेजी दिखाते हुए धड़ाधड़ पांचों आरोपियों को पकड़ लिया था, लेकिन छठा आरोपी अक्षय ठाकुर उसके हाथ नहीं लगा। बिहार समेत कई जगहों पर उसकी तलाश में छापे मारे गए। आखिरकार कई दिनों के बाद पुलिस को सफलता हाथ लगी और छठे आरोपी को उसने बिहार के औरंगाबाद से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इसे 21 दिसंबर को गिरफ्तार किया था।

लाइफ स्टाइल

Health Tips: ब्लड प्रैशर को संतुलित रखते हैं ये यो...

PUBLISHED : Oct 19 , 6:30 AM

आज की भागमभाग भरी लाइफ में छोटी छोटी समस्‍याएं कब टेंशन बढ़ा कर आपको बीपी का मरीज बना देती हैं। लेकिन योग में आपकी इस सम...

View all

साइंस

गुड न्यूज: रिसर्चरों का दावा, हार्ट अटैक रोकने की ...

PUBLISHED : Oct 19 , 6:45 AM

रिसर्चरों ने एक ऐसी संभावित दवा विकसित की है, जो दिल के दौरे का इलाज करने और हृदयघात से बचाने में कारगर है। इन दोनों ही ...

View all

बॉलीवुड

Prev Next