प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाओं में उपलब्ध होगा आदिवासी साहित्यBookmark and Share

PUBLISHED : 09-Aug-2019



वचन पत्र को कांग्रेस ने किया याद



भोपाल। कांग्रेस के वचन पत्र के एक बिन्दु कि विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, स्कूल एवं शासकीय विभागों के वाचनालयों में आदिमजाति पर आधारित साहित्य उपलब्ध करायेंगे, के पालन में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से चेयरमेन निजी विवि विनियामक आयोग, सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों, सभी शासकीय कालेजों तथा अशासकीय अनुदान प्राप्त एवं गैर अनुदान प्राप्त कालेजों के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर कहा कि वे अपने संस्थान में विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु आदिवासी साहित्य उपलब्ध करायें।
निर्देश में कहा गया है कि संस्थाओं के वाचनालयों में आदिमजाति पर आधारित साहित्य की सूची तैयार कर संधारित की जाये। वाचनालय के सूचना पटल पर चस्पा कर विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की जाये। ऐसी पुस्तकें जिनमें संबंधित आदिमजाति साहित्य उपलब्ध है, की जानकारी शिक्षकों को भी उपलब्ध करायें। जिले के अन्य वाचनालयों में संबंधित साहित्य की सूची प्राप्त कर विद्यार्थियों/शिक्षकों को उपलब्ध करायें।
प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालकों से कहा गया है कि वे समय-समय पर महाविद्यालयों के निरीक्षण के दौरान उक्त निर्देशों के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त करें। दरअसल वचन पत्र के उक्त बिन्दु का पालन करने के लिये राज्य के जनजातीय कार्य विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग से आग्रह किया था। इसी के परिपालन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह कार्यवाही की र्ग है। स्कूलों में भी यह व्यवस्था हो सके लिये स्कूल शिक्षा विभाग को यह कार्यवाही करने के लिये कहा गया है।

 

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