सरकारी सामग्री खरीदी के नियमों में बदलाव होगाBookmark and Share

PUBLISHED : 23-Aug-2017


किसानों की उपज खरीदी के बजाय भावांतर राशि देने को प्राथमिकता
योजनाओं का क्रियान्वयन आधार से लिंक किया जाये - मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में दिये निर्देश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्य योजना बनाये। वे आज यहाँ मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिये उपज की खरीदी के बजाय बिक्री मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि उनके खातों में जमा करने की कार्य योजना बनायें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण के स्थान पर हितग्राहियों के खाते में नगद राशि जमा कराने की प्रक्रिया किसी एक जिले में पायलट के रूप में शुरू करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में खरीदी के नियमों आवश्यक बदलाव किया जाये। जेम के माध्यम से सामग्री खरीदी की जाये। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार से लिंक किया जाये। उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का अभियान चलाने तथा कृषि आय को दोगुना करने, फसल बीमा राशि का वितरण करने एवं स्वरोजगार सम्मेलन और महिला स्वसहायता सम्मेलनों की तिथियाँ निर्धारित करते हुये आयोजन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं का दृष्टिपत्र तैयार है। क्रियान्वयन का रोड मैप बना हुआ है। जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक बेहतर करने के लिये नवाचारों और तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिये हैं ताकि योजनाओं का जमीनी अमल और अधिक बेहतर हो सके, जिससे पारदर्शिता आये। इससे नया मध्यप्रदेश आदर्श डिजिटल प्रदेश बने।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होना चाहिए। निश्चित समय-सीमा और निर्धारित नीति के साथ कार्य किये जायें। व्यवस्था में संशोधन और परिवर्धन के प्रति आगे बढ़कर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न विभागों को वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया। कहा कि विभाग अंतर्गत अतिशेष राशियों का आंकलन करें। उनके सुविचारित व्यय के उपाय किये जाएं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त को विभिन्न विभागों में उपलब्ध अनुपयोगी राशियों की जानकारी संकलित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिससे इस राशि का जन कल्याण की योजनाओं में बेहतर उपयोग किया जा सके।

उन्होंने तकनीक का उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी अमल को और अधिक प्रभावी बनाने। इस मंशा से नवाचार करने के लिये अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने योजनाओं का क्रियान्वयन आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर व्यवस्थाओं पर आधारित किये जाने की जरूरत बतायी। कहा कि तकनीक के प्रयोग से गड़बड़ियां रूकती है। ऐसी गड़बड़ियों पर पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करें। गड़बड़ी पकड़ने का श्रेय मिलेगा। यह भी सुनिश्चित करे कि क्रियान्वयन व्यवहारिक दिक्कतें नहीं हो। इनका व्यवहारिक सीमाओं में क्रियान्वयन का परीक्षण करें। नवाचारों के पायलट प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास करें।

उन्होंने शासकीय खरीदी कार्य को गर्वमेंट ई-मार्केट (जेम) के माध्यम से करवाने की व्यवस्था करने एवं खरीदी के नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य के लघु उद्योगों और हस्तशिल्प उद्योगों को जेम के पोर्टल पर पंजीयन करवाने में सहयोग के निर्देश दिये। पोर्टल के माध्यम से खरीदी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी। विभागों को डिजिटल गर्वेनेंस पर बल देने और उसे विस्तारित करने के लिये नवाचार के लिये कहा है। भीम एप की उपयोगिता के दृष्टिगत वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को संयुक्त रूप से आमजन एवं व्यापारियों को उसके उपयोग के लिये प्रेरित प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं।

श्री चौहान ने योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एल.ई.डी. वितरण की निरंतर समीक्षा हो। कार्य की गति में धीमी नहीं होने पाये मिशन मोड में कार्य चलता रहे। उन्होंने प्रगति में आंचलिक अंसतुलन पर चर्चा करते हुये पिछड़े अंचलों के लिये प्रोग्रेस के पैरामीटर निर्धारित कर कार्यों पर फोकस करने की जरूरत बतायी ताकि प्रगति का असंतुलन खत्म हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मृदा कार्डों का खेती-किसानी में उपयोग हो, इसकी सतत् मॉनीटरिंग के लिये कृषि विभाग को निर्देशित किया। किसानों को इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये 15 से 30 सितम्बर के दौरान हर विकासखंड में किसान सम्मेलन करने एवं उनमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि एवं सम्बद्ध विभागों को आय को दोगुना करने की कार्य योजना की समीक्षा के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम की संकल्पना नवविचारों पर मंथन की पहल है, इस परिप्रेक्ष्य में मंथन करने और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के सुझावों विचारों को प्राप्त करने की जरूरत है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, जनधन खातों और मुद्रा योजना एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की गतिशीलता को निर्बाध बनाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिये कहा। जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री को कलेक्टर और बैंकर्स के मध्यम समन्वय कर कार्य करवाने के लिये निर्देश दिये ताकि आमजन को सही अर्थों में योजना का लाभ मिले। बीमा की किश्तें नियमित रूप से जमा हों।

उन्होंने पर्यटन को मिशन मोड में लिये जाने की जरूरत बतायी। पर्यटन गंतव्यों पर फोकस करने के लिये आगामी 6 से 25 अक्टूबर के बीच अभियान चलाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री द्वारा एक पर्यटन गंतव्य का भ्रमण किया जाये। उन्होंने शिक्षा, कौशल उन्नयन और स्वरोजगार केंद्रित दृष्टि के साथ प्रयास की जरूरत बतायी। प्रदेश में आगामी 11 से 30 नवम्बर के मध्य युवा सम्मेलनों के आयोजन के निर्देश दिये। साथ ही आगामी 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर के दौरान महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित करने के लिये कहा।

बैठक में हबीबगंज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन की अगले सप्ताह समीक्षा करेंगे। उन्होंने किसानों को प्रेरित करने और आदर्श ई-मंडी विकसित करने की भी जरूरत बतायी। इस दौरान मुख्य सचिव श्री बी.पी. तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवगण उपस्थित थे।
अजय वर्मा

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