हेल्थ न्यूज: लकवा के इलाज में फिजियोथेरेपी कारगरBookmark and Share

PUBLISHED : 04-Sep-2019



लकवा मरीजों के बेहतर इलाज में दवाओं के साथ फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका है। फिजियोथेरेपी से मरीज के बेजान अंगों में जान फूंकी जा सकती है। यह जानकारी विश्व फिजियोथेरेपी जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित सेमिनार में दिल्ली एम्स में फिजियोथेरेपी विभाग के प्रभात रंजन ने दी।

इंदिरानगर में रविवार को न्यूरो फिजियोथेरेपी शिविर लगा। इसमें फिजियोथेरेपिस्ट प्रभात रंजन ने कहा कि लकवा की चपेट में कोई भी आ सकता है। पहले अधिक उम्र के लोग इस बीमारी की चपेट में आते थे। अब बेढंगी जीवनशैली व खान-पान से लकवा की संभावना बढ़ गई है।

तेल मालिश से बचें लकवा के मरीज : लकवा में हाथ व पैर का हिस्सा बेजान हो सकता है। सही समय पर दवाओं से लकवा पर काबू पाया जा सकता है। फिजियोथेरेपिस्ट संतोष कुमार ने कहा कि लकवा के मरीजों को किसी भी प्रकार की तेल मालिश से बचना चाहिए। आकांक्षा उपाध्याय ने बताया कि रविवार को सुबह आठ बजे से नि?शुल्क न्यूरो फिजियोथेरेपी शिविर लगाया गया। इसमें 45 मरीजों ने पैरालिसिस सम्बन्धित कारण एवं निवारण के लिए पंजीकरण कराया।

 

लोहिया अस्पताल में संस्थान के दो विभागो की ओपीडी चलेगी-
लोहिया अस्पताल में संस्थान के दो विभागों की ओपीडी चलेगी लखनऊ। लोहिया संस्थान में संचालित हड्ढी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी विलय के बाद लोहिया अस्पताल में चलेगी। अस्पताल के न्यू ब्लॉक में मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग शिफ्ट किया जाएगा। संस्थान में इन विभागों के पास अपने वार्ड नहीं थे। लिहाजा मरीजों की भर्ती भी नहीं हो पा रही थी। लोहिया संस्थान में अस्पताल का विलय हो रहा है। 20 सितम्बर तक विलय की प्रक्रिया शुरू होगी। संस्थान के निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने बताया कि मेडिसिन और हड्डी रोग विभाग की ओपीडी अस्पताल परिसर में चार मंजिला भवन के भूतल में चलेगी। 12 डॉक्टरों के केबिन बना दिए गए हैं। प्लास्टर भी इसी भवन में होगा।

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